हैलो दोस्तो हम आज पेंटिंग के बारे मे जानेंगे....
चित्रांकन और उसके विभिन्न प्रकार
चित्रकला सभी कलाओं में श्रेष्ठ कला है चित्रांकन चित्रकला का बहुत ही महत्वपूर्ण अंक है एक कला छात्र जो कांगकण में निपुण होना चाहिए चित्रांकन का अभ्यास नियमित रूप से रोज करने वाला छात्र कि भविष्य में एक सफल चित्रकार बन सकता है वस्तुतः एक चित्रकार अपनी सूची भावनाओं और विचारों को रंगो एवं रेखाओं से कागज या कैनवास पर दिखाता द्देश्य इस भाग को पढ़ने के बाद आप इन बातों को जान सकेंगे चित्रांकन की परिभाषा चित्रांकन के विभिन्न प्रकार चित्रांगन के महत्व प्रयोगात्मक चित्रकला के छात्र के लिए कुछ आवश्यक सावधानी के बारे में चित्रांकन के लिए आवश्यक कला सामग्री के चुनाव और रखरखाव से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में वस्तु चित्रण प्रकृति चित्रण और मानव चित्रण के बारे में
चित्रकला कला कल्पना और भावनाओं की भाषा है
चित्रकला ललित कला का एक महत्वपूर्ण अंग है यह एक दृश्य कला भी है जिसे हम अपनी आंखों से देख कर उसका प्रभाव महसूस कर सकते हैं
यह अंतरराष्ट्रीय भाषा भी है जिसे मानव जाति गुफा काल से ही उपयोग करता आ रहा है
हम अपने मन की सूचना भावनाओं और विचारों को भी आसानी से दिखा सकते हैं
कागज या कैनवास पर पेंसिल रंग या अन्य कला सामग्री से चित्र या आकृतियां बनाने की कला को चित्रकला कहते हैं या अपने मन के भावनाओं को दर्शाने का सशक्त माध्यम है
जो व्यक्ति चित्र बनाता है उसे चित्रकार कहते हैं
प्रकृतिक बहुत ही सुंदर मनमोहक राह समय चित्र है इसे परमात्मा ने बनाया है परमात्मा सर्वश्रेष्ठ चित्रकार है और हम सभी उस की कृतियां हैं
एक चित्र का जो कुछ देखता है या सोचता है वह अपनी कल्पना और विचारों से कागज कपड़ा लकड़ी की दीवार भवन बर्तन आभूषण चावल या अन्य वस्तुओं पर चित्रांकन करता है
चित्रांकन एक कला साधना है जिसे इसके लिए उत्साह और परिश्रम जरूरी है
चित्र रेखा और रंगों से बनी आकृति है जिसमें एक चित्रकार अपनी प्रतिभाओं से मुक्त रूप में भी संस्था का अभ्यास करा देता है
चित्रकला का जन्म आज से लगभग 40,000 आदिमानव के चित्र के रूप में पत्थरों और काली किया गया था
चित्रांकन के प्रमुख माध्यम
प्रयोगात्मक चित्रकला में सफलता हेतु ध्यान रखने योग्य कुछ प्रमुख
चित्रांकन और उसके विभिन्न प्रकार
चित्रकला सभी कलाओं में श्रेष्ठ कला है चित्रांकन चित्रकला का बहुत ही महत्वपूर्ण अंक है एक कला छात्र जो कांगकण में निपुण होना चाहिए चित्रांकन का अभ्यास नियमित रूप से रोज करने वाला छात्र कि भविष्य में एक सफल चित्रकार बन सकता है वस्तुतः एक चित्रकार अपनी सूची भावनाओं और विचारों को रंगो एवं रेखाओं से कागज या कैनवास पर दिखाता द्देश्य इस भाग को पढ़ने के बाद आप इन बातों को जान सकेंगे चित्रांकन की परिभाषा चित्रांकन के विभिन्न प्रकार चित्रांगन के महत्व प्रयोगात्मक चित्रकला के छात्र के लिए कुछ आवश्यक सावधानी के बारे में चित्रांकन के लिए आवश्यक कला सामग्री के चुनाव और रखरखाव से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में वस्तु चित्रण प्रकृति चित्रण और मानव चित्रण के बारे में
चित्रकला कला कल्पना और भावनाओं की भाषा है
चित्रकला ललित कला का एक महत्वपूर्ण अंग है यह एक दृश्य कला भी है जिसे हम अपनी आंखों से देख कर उसका प्रभाव महसूस कर सकते हैं
यह अंतरराष्ट्रीय भाषा भी है जिसे मानव जाति गुफा काल से ही उपयोग करता आ रहा है
हम अपने मन की सूचना भावनाओं और विचारों को भी आसानी से दिखा सकते हैं
कागज या कैनवास पर पेंसिल रंग या अन्य कला सामग्री से चित्र या आकृतियां बनाने की कला को चित्रकला कहते हैं या अपने मन के भावनाओं को दर्शाने का सशक्त माध्यम है
जो व्यक्ति चित्र बनाता है उसे चित्रकार कहते हैं
प्रकृतिक बहुत ही सुंदर मनमोहक राह समय चित्र है इसे परमात्मा ने बनाया है परमात्मा सर्वश्रेष्ठ चित्रकार है और हम सभी उस की कृतियां हैं
एक चित्र का जो कुछ देखता है या सोचता है वह अपनी कल्पना और विचारों से कागज कपड़ा लकड़ी की दीवार भवन बर्तन आभूषण चावल या अन्य वस्तुओं पर चित्रांकन करता है
चित्रांकन एक कला साधना है जिसे इसके लिए उत्साह और परिश्रम जरूरी है
चित्र रेखा और रंगों से बनी आकृति है जिसमें एक चित्रकार अपनी प्रतिभाओं से मुक्त रूप में भी संस्था का अभ्यास करा देता है
चित्रकला का जन्म आज से लगभग 40,000 आदिमानव के चित्र के रूप में पत्थरों और काली किया गया था
चित्रांकन के प्रमुख माध्यम
- पेंसिल
- पेंसिल रंग
- वाइल पेस्टल
- कृत्रिम रंग
- एक्रिलिक
- पोस्टर रंग
- एनामेल रंग
- चित्रांकन के प्रमुख विषय
- रेखांकन
- खाकांकन
- दृश्य चित्रण
- वस्तु चित्रण
- व्यक्ति चित्रण
- संरचना
- छापा कला
- कला इतिहास
- छाया चित्रांकन
- व्यवसायिक कला
- चित्रांकन के महत्व चित्रांकन के कुछ अति महत्वपूर्ण तथ्य चित्रकला विश्व की सर्वश्रेष्ठ कला है
- इसे विश्व में सबसे प्राचीन अंतर्राष्ट्रीय भाषा भी कहा जाता है
- जापानी और चीनी की लिपि का भी जन्म चित्रकला से ही हुआ है
- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था बच्चों की शिक्षा चित्र चित्रांकन से शुरू होनी चाहिए चित्रांकन के अभ्यास से अपने आप का ध्यान योग हो जाता है इसी वजह से चित्रकला या कला छात्र चित्रांकन के अभ्यास के साथ-साथ ध्यान योग भी कर लेता है जिससे उसे ध्यान योग का भी लाभ मिल जाता है मन एकाग्र होने लगता है मन प्रसन्न रहता है और एकाग्रता सफलता की जननी है और तनाव दूर होता है
- एक सच्चा कला अदृश्य और प्राकृतिक शक्तियों के करीब होता है और इन आदित्य शक्ति की झलक हमें देश विदेश के कुछ महान चित्रकार की कलाकृतियों में देख सकते हैं चित्र नियमित रूप से अभ्यास करने से होता है और मानसिक शांति मिलती है
- प्रयोगात्मक चित्रकला में सावधानियां प्रयोगात्मक चित्रकला में कला छात्रों को कुछ सावधानियां को भी ध्यान में रखकर कला अभ्यास यानी चित्रांकन करना चाहिए
प्रयोगात्मक चित्रकला में सफलता हेतु ध्यान रखने योग्य कुछ प्रमुख
- हमेशा साफ-सुथरा जगह पर चित्रांकन करें
- हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले तला सामग्री काहे चित्रांकन में प्रयोग करें
- चित्रांकन के समय हमेशा सभी आवश्यक सामग्री को पास में ही रखें
- चित्रांकन हमेशा उत्साह पूर्वक और शांत मन से ही करें
- उसको कभी धूप में ना रखें
- ढक्कन को रंग निकलने के बाद खुला नहीं छोड़े रंग के रंग को मिलाने के लिए हमेशा साफ पानी का उपयोग करें
- Brush में कभी रंग लगाकर सूखने के लिए नहीं छोड़े करने के लिए नहीं रखें ऐसा करने पर हो जाकर कमजोर हो जाएंगे
- कला सामग्री के चुनाव और अलग रखा उसके बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी चित्रांकन हेतु सही चुनाव और रखरखाव से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी को हमेशा ध्यान में रखें इस संबंध में कुछ महाद पूर्ण जानकारी है अधिक पुरानी कला सामग्री कभी नहीं खरीदे पुरानी कला सामग्री की गुणवत्ता धीरे-धीरे करने लगती है और रंगों को धूल और धूप से बचा कर रखें इन इन बरसा और नमी से भी बचा कर रखें प्यार चित्रों को पानी दीमक और चूहों से बचा कर रखें बैल चित्र कभी भी दबाकर नहीं रखे कला सामग्री को हमेशा साफ सुथरे जगह पर केस चित्रांकन हमेशा हवादार और धूप आने वाले कमरों में ही करें

GOOD CONTENT
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